स्वतंत्रता दिवस पर चेहरा पहचानने वाली तकनीक से होगी आतंकी की पहचान

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हर साल की तरह इस बार भी भारत में स्वतंत्रता दिवस बड़ी धूम धाम से मनाया जायेगा और इसके लिए भारत की राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बहुत मजबूत हैं । 15 अगस्त के मोके पर लाल किला को बीते 7 अगस्त से ही बाहरी लोगों के लिए बंद किया जा चुका है। इतना ही नहीं इस बार लाल किले के आसपास चेहरा पहचानने वाली तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। और ये इस तकनीक में स्पेशल कैमरा सॉफ्टवेयर होगा जो की लोगों के चेहरे स्कैन करेगी और किसी आतंकी से मैच होने पर अलर्ट भेजेगी।

आखिर कैसे सिस्टम करेगा काम
जानकारों के अनुसार इस सिस्टम को मौजूद कैमरों से जोड़ा जाएगा। ये कैमरे अलग-अलग ऐंगल से शख्स के चेहरे को रीड करेंगे। फिर उसका सुरक्षा एजेंसी और दिल्ली पुलिस के पास मौजूद डेटाबेस से मिलाया जाएगा। मिली जानकारी के मुताबिक, संदिग्ध को इसकी मदद से 50 मीटर दूर से भी पहचाना जा सकता है। अलर्ट जिस टीम को मिलेगा वह लाल किले परिसर में ही मौजूद होगी। वह वहां से सुरक्षा बलों को अलर्ट कर देगी।

बिना बताए आ रहे ‘डमी टेररिस्ट’
अब सेना की वर्दी में रीऐलटी चेक हो रहा है। राजधानी पुलिस व पैरामिलिट्री फोर्स के सुरक्षा घेरे में है। चप्पे-चप्पे की सिक्यॉरिटी का आलम ये है कि आए दिन पकड़ में आ रहे ‘डमी टेररिस्ट’ की जब असलियत पता लगती है, तब सुरक्षा बल राहत की सांस लेते हैं। दिल्ली पुलिस व पैरामिलिट्री फोर्स की सुरक्षा चौकसी की बिना उन्हें भनक दिए रीऐलटी चेक करने पहुंच जाते हैं।

सूत्रों की मानें तो इनमें स्पेशल सेल व स्पेशल ब्रांच के जवान भी अक्सर होते हैं। अलग-अलग वेश में कभी आर्मी वर्दी पहनकर, फर्जी आईकार्ड रखकर तो कभी अपने साथ छिपाकर डमी बम लेकर सभी सुरक्षा चक्र को धता बताकर अंदर तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। अगर ऐसा करने में कोई कामयाब हो जाता है तो जिन सिक्यॉरिटी चेकिंग पॉइंट्स से अंदर आया। वहां पर तैनात पुलिस व अन्य फोर्स के जवानों पर लापरवाही के आरोप में ऐक्शन ले लिया जाता है।

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