भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह भारत में किस जगह पर हुआ था

सभी जानते है की भगवान शिव ने माता पार्वती से विवाह किया था लकिन यह शायद कुछ ही लोगो को मालूम है की भगवान् शिव ने माता पार्वती से कहा पर विवाह किया था।
रुद्रप्रयाग में एक पवित्र जगह है जिसका नाम हैं ‘त्रियुगी नारायण’ ऐसा माना जाता हैं कि सतयुग काल में यह जगह हिमवत की राजधानी थी और भगवान शिव ने माता पार्वती से इसी जगह पर विवाह किया था।

आज भी प्रज्वलित है विवाह मंडप की अग्नि…
माता पार्वती ने भगवान शिव को खुश करने के लिए त्रियुगीनारायण मंदिर से आगे गौरी कुंड कहे जाने वाले स्थान पर तपस्या की थी जिसके बाद भगवान शिव ने इसी मंदिर में मां से विवाह किया था। कहा जाता है की गौरी कुंड हवन की अग्नि आज भी वही जल रही हैं।

देशभर से आते हैं लोग…
ऐसी मान्यता हैं केदारनाथ की यात्रा से पहले यहां दर्शन करने से ही प्रभु प्रसन्न होते हैं. और देशभर से लोग संतान प्राप्ति के लिए गौरी कुंड की अग्नि का आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं। यहाँ साल सितंबर महीने में बावन द्वादशी के दिन यहां पर मेले का आयोजन किया जाता है.

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