क्या आप जानते हैं कि सोते समय आपके बच्चे के दिमाग में क्या चल रहा हैं ?

विशेषज्ञों के द्वारा किये गए एक सर्वे में यह पता चला हैं कि बच्चे के सोने का एक तरीका होता हैं और संसार में सभी बच्चे इन आठ तरीको में से किसी एक तरीके से ही सोते हैं। और छोटे बच्चो के यह सोने का तरीका उनकी मन की स्तिथि को ही दर्शाता हैं। आईये हम आपको बताते हैं की बच्चो के सोने की तरीके कौन कौन से हैं।

दोनों हाथ सिर पर
अगर आपका बच्चा अपने सर पर दोनों हाथो को रख कर सोता हैं तो इसका मतलब है कि वे आसपास के वातावरण से विचलित हैं और वो संतोष और शांति चाहते हैं। ऐसे बच्चो की संकल्पशक्ति अक्सर कम होती हैं। इसलिए आपको उसको छोटे छोटे कामो का अभ्यास करवाना चाहिए, जिससे धीरे-धीरे उसके अंदर संकल्पशक्ति और आत्मविश्वास पैदा हो सके।

छिपकर सोना
आपने अक्सर देखा होगा की कुछ बच्चे तकिये या बिस्तर की चादर में छिपकर सो जाते हैं जिसका अर्थ हैं की बच्चा किसी बात से शर्मिंदा हैं और या फिर वह आने आसपास के वातावरण से खुश नहीं है। इसलिए आपको उसको साहस प्रदान करना चाहिए जिससे वह अपनी शर्मिंदगी से मुक्त हो सके।

पेट के बल सोना
कुछ बच्चे अक्सर पेट के बल लेटकर अपना मुंह तकिए पर रख लेते हैं। और इसका अर्थ होता हैं की वह बच्चा अपने माता पिता से स्नेह व प्यार चाहता है। और अगर उसको आपसे प्यारभरा वातावरण मिलेगा तो इस तरह सोने की आदत ख़ुद-ब-ख़ुद छूट जाएगी।

तकिए से चिपककर सोना
कुछ बच्चे अक्सर अपने तकिये से चिपक कर सोते हैं जिसका अर्थ होता हैं उसके मन में छिपा डर । इसलिए आपको जल्द से जल्द अपने बच्चे से बात करके उसके डर के कारण का पता लगाना और उसके डर को दूर करना चाहिए क्यूंकि यह डर आपके बच्चे के विकास को प्रभावित कर सकती है।

एक हाथ बाहर निकालकर सोना
कुछ बच्चे चादर से अपना पूरा शरीर ढककर लेते हैं लकिन अपना एक हाथ बाहर निकाल कर सोते हैं। जिसका अर्थ होता हैं कि बच्चा अपने किसी क़रीबी से नाराज़ है, और अपनी बात को कह नहीं पा रहा हैं. इसलिए आपको अपने बच्चे से खुश होकर बात करनी चाहिए जिससे वह आपको अपनी नाराजगी का कारण बता सके।

दोनों पैर मोड़कर
कुछ बच्चे करवट लेकर अपने दोनों पैर मोड़ कर सोते हैं जिसका अर्थ होता हैं की उनको अपने बड़ो से प्यार की जरुरत होती हैं। इसलिए आपको अपने बच्चो से हमेशा प्यार से बात करनी चाहिए।

बिस्तर रौंद देना
कुछ बच्चे सोते समय अपना तकिया, चादर और अपने बिस्तर को पूरी तरह से अयस्त व्यस्त कर देते हैं और पुरे के पुरे बिस्तर पर घूमते रहते हैं। इस तरह के बच्चे अक्सर घर में अपना हुक्म चलने की कोशिस करते हैं। लकिन आपका स्नेहभरा व्यवहार इस परेशानी को बहुत ही प्यार से सुलझा सकता हैं।

पीठ के बल
कुछ बच्चे पीठ के बल सोते हैं और एक्सपर्ट्स के अनुसार यह सबसे आदर्श तरीका होता हैं। इस तरह सोने वाले बच्चे अक्सर अच्छे स्वास्थ्य के स्वामी होते हैं और उनको न कोई रोग होता हैं , और न कोई मानसिक चिंता।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की आपको हमेशा अपने बच्चो से खूब प्रेम से बात करनी चाहिए और हमेशा उनकी मुश्किलों में सहायता करनी चाहिए। और आपको अपने बच्चो के माता पिता के रूप के साथ साथ ही उनका दोस्त बनकर उनसे बात करनी चाहिए ताकि वो अपनी मुश्किलों को आपसे आसानी से शेयर कर सके।

हमें कमेंट करके बताये की आपका बच्चा किस तरह से सोता हैं

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