आयोडीन नमक US, जर्मनी समेत 56 देशों में प्रतिबंधित है

दुनिया में लगभग सभी विकसित देशो में जैसे अमेरिका, डेनमार्क और जर्मनी के साथ लगभग 56 प्रमुख देशों में आयोडीन युक्त नमक प्रतिबंधित है लकिन इसके बावजूद भी हमारे देश में आयोडीन नमक लगातार इस्तेमाल में हैं। यहाँ तक की विश्व बैंक के अध्ययन और संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की रिपोर्ट में इसके दुष्प्रभाव तथा अनुपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है, पर तमाम प्रयासों के बावजूद भारत सरकार ने इस पर पाबंदी लगाने के बजाय इसका उपयोग अनिवार्य कर रखा है।

आयोडीन नमक की वजह से 40 से ज्यादा बीमारिया होती हैं।
क्या आप जानते हैं की आयोडीन नमक हमारे शरीर के लिए बहुत ज्यादा हानिकारक हैं और अमेरिकी कैंसर शोध संस्थान के वरिष्ठ सदस्य डॉक्टर फ्रेडरिक हाफमैन समेत कई शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में आयोडीन युक्त नमक को मानव स्वास्थ्य के लिए घातक पाया है। आयोडीन नमक की वजह से कैंसर, लकवा, रक्त चाप, खारिश खुजली, सफेद दाग, नपुंसकता, डायबिटीज और पथरी जैसी 40 से भी ज्यादा बीमारिया हो सकती हैं।

खतरनाक रसायन से तैयार होता है आयोडीन नमक
विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO की 2007 वर्ष की एक रिपोर्ट में बताया गया है उनके अध्ययन में पाया गया कि आयोडीन युक्त नमक को कई प्रकार के हानिकारक रसायन मिलाकर समुद्री नमक से तैयार किया जाता है और फ्री फ्लो का गुण पैदा करने के लिए अतिरिक्त रूप से दो खतरनाक तत्व अधिक मात्र में मिलाए जाते हैं, जिससे नमक के प्राकृतिक स्वाद और मूल गुण में भी जबरदस्त अंतर आ जाता है।

बेहतर है प्राकृतिक नमक
पूरी दुनिया में नमक पर बहुत अधिक शोध हुए हैं और इन सभी में प्राकृतिक नमक बहुत ही ज्यादा लाभदायक और स्वास्थवर्धक पाया गया हैं। इसी वजह से सभी विकसित देशों में नमक की बिक्री में प्राकृतिक शब्द का उपयोग खास तौर पर किया जाता है और आयोडाइज्ड नमक को बतौर दवा, केवल चिकित्सक को ही अनुशंसित करने का अधिकार दिया गया है।

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